अविश्वास प्रस्ताव – No Confidence Motion, Current Affairs – 20 March 2018

Avishwas prastav in Lokshabha

अविश्वास प्रस्ताव (Avishvas Prastav)

अविश्वास प्रस्ताव (No confidence motion) यह भारत के लोक सभा में विपक्षी पार्टियों के द्वारा लाया जाने वाला एक प्रस्ताव होता है जो कि सरकार के खिलाफ होता है। जब भी विपक्षी पार्टियों को लगता है कि सरकार अपना बहुमत साबित नहीं कर सकती या लोकसभा सदन में सरकार बहुमत खो चुकी है तो ऐसे में विपक्ष की पार्टियां मिलकर सरकार के खिलाफ इस प्रस्ताव (Avishvas Prastav) को लेकर आती है। इसे पारित करवाने के लिए विपक्ष के पास कम से कम 50 सांसदों का समर्थन होना चाहिए। अगर उनके पास इतने सांसद का समर्थन होता है तो वे उसे ले जाकर लोकसभा स्पीकर को अपना प्रस्ताव देते हैं।

यदि स्पीकर इस मंजूर कर लेता है तो 10 दिन के अंदर उस पर चर्चा करने की आवश्यकता होती है। स्पीकर सदन में सांसदों का वोटींग करा सकता है और वोटींग होने के बात यदि सरकार के खिलाफ विपक्ष को 50%+1 Vote मिल जाता है तो सरकार गीर जाती है। यदि वोटींग प्रतिशत सरकार और विपक्ष दोनों का बराबर होता है तो उस वक्त स्पीकर किसी को भी अपना वोट देकर उसका सरकार बन सकता है।

नोट: अविश्वास प्रस्ताव राज्यसभा में कभी पेश नहीं किया जा सकता।




अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित 20 मार्च 2018 का समचार

अविश्वास प्रस्ताव (Avishvas Prastav) को लेकर विपक्ष का सदन में हंगामा

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लोक सभा दिनभार के लिए स्थगित हुआ। इसके चलते विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 39 भारतीयों के मृतु को लेकर निचले सदन में अपना बयान नहीं दे सकी। वैसे सुषमा स्वाराज ने विपक्ष से आग्रह किया कि मैं हंगामें के बीच नहीं बोल सकती, यदि सदन कुछ समय के लिए शांत हो जाये तो मैं आपना बयान दे सकती हूं। इसके बाद सुमित्रा महाज ने विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की चेतावनी भी दी लेकिन वे नहीं माने। मजबूरन लोकसभा के अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा के अध्यक्ष समित्रा महाजन ने विपक्ष को नागरिकों के प्रति असंवेदनशील का आरोप लगया और लोक सभा में गतिरोध को लेकर खेद जताया। बता दें कि लोकसभा में बजट का दूसरा चरण जब से शुरू हुआ है तब से ही गतिरोध बना हुआ है। यह 5 मार्च 2018 को शुरू हुआ था।

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