मकान के वास्तु टिप्स – मकान के अंदर वनस्पति वास्तुशास्त्र

मकान के वास्तु टिप्स

मकान के वास्तु टिप्स: अगर आपको पौधों के तापमान व इनकी रोशनी के बारे में पूरी तरह ज्ञान हों, तो आप उसके अनुसार अपने मकान का निर्माण करा सकते हैं। सम्पूर्ण वास्तु ज्ञान, वास्तु इन हिंदी

मकान के वास्तु टिप्स और वास्तु ज्ञान

अगर आपको पौधों के तापमान व इनकी रोशनी के बारे में पूरी तरह ज्ञान हों, तो आप अपने घर की लाबी, नहाने वाले कमरे में तथा बालकानी (छज्जे) आदि में पौधे लगाने के लिए उपयुक्त स्थान को ढूंढ सकते हैं।

अगर आपको अपना मकान पौधों अथवा पौधे से सजाना हो तो सबसे पहले आपको उनके तापमान के बारे में तथा उसके बाद यह देखना चाहिए कि उन पौधों में सूर्य का प्रकाश (रोशनी) कितना ज्यादा या कम आ रहा है तथा वह कितना ज्यादा गर्म हो रहे हैं। उनकी नमी के बारे में भी ध्यान रखना चाहिए तथा उनकी आर्द्रता को भी जरूर ही मापना चाहिए।

अगर आपके नहाने वाले कमरे में, लाबी अथवा कमरे में चार से छः घंटे तक सूरज का प्रकाश रहता है, तो आप उसमें फूलों के पौधों को लगा सकते हैं, लेकिन अगर सूरज का प्रकाश कम हों तो उसमें हाउस प्लान्ट भी लगाए जा सकते हैं। कभी-कभी पौधों को रखकर अप्राकृतिक रोशनी भी दी जा सकती है। कभी-कभी इन पौधों को उठाकर बाहर धूप में रखना जरूरी माना जाता है।

अगर आपके कमरे अथवा लाबी में अलमारी है तो उसके ऊपर भी आप बल्ब के नीचे की तरफ एक बहुत ही सुंदर से पौधे को रख सकते हैं।

नहाने वाले कमरे का वातावरण बार-बार तथा बहुत ही जल्दी बदलता रहता है। एक मिनट में उस कमरे में गीजर से निकलने वाले पानी की भाप, नमी तथा गर्मी को भी उत्पन्न कर देती है, तो दूसरे ही पल में उस कमरे को ठंडे, नमी वाले वातावरण में तबदील कर देती है। कुदरत ने हमको अलग-अलग परिस्थियों में अलग-अलग पौधे लगाने के लिए दिए हैं, जिनमें वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ पौधों को जो किसी भी स्थान पर लगाए जा सकते हैं, उनमें शान्ति प्रदान करते हैं, उन्हें हम एक उक्त सारिणी में देखकर लगा सकते हैं। अपने नहाने वाले कमरे, लाबी आदि में पौधों को लगाएं तो हमारा मकान और भी ज्यादा अच्छा तथा सुंदर दिखाई देगा और इससे हमको बहुत ही ज्यादा मानसिक आराम प्राप्त होगा।

रसोई में वास्तु वनस्पति (मकान के वास्तु टिप्स)- रसोईघऱ वह जगह मानी जाती है जहां पर स्त्रियों या ग्रहणियों का ज्यादातर समय बीतता है। रसोईघर को यदि बंगले, फ्लैट और मकान का दिल माना जाए तो इस तरह का कहना कोई गलत बात नहीं होती है। रसोईघर में खाना बनाने के अलावा और भी कई तरह के काम किए जाते हैं।

आज के युग को देखते हुए रसोईघर को आधुनिक बनाने के लिए फ्रिज, माइक्रोवेव, ओवन आदि की जितनी ज्यादा आवश्यकता होती है उतनी ही ज्यादा इन पौधों की भी जरूरत महसूस की जा सकती है। इस बात के लिए यह बात आवश्यक नहीं है कि आपका रसोईघर बहुत ही ज्यादा आधुनिक हो, लेकिन पौधों को लगाकर उसकी सुंदरता को और भी ज्यादा सुंदर तथा अच्छा बनाया जा सकता है।

रसोईघर के अंदर वास्तु पौधों को लगाना या सजाना एक बहुत ही अच्छा अनुभव जाना जाता है। परंतु इस तरह के स्थान पर पौधों को रखने से ज्यादा मुश्किल होता है, क्योंकि एक तरफ से गैस की गर्मी आ रही होती है तो दूसरी तरफ से फ्रिज को खोलने पर उसकी आने वाली ठंडक तथा इसके साथ ही साथ उस जगह पर इतना आना-जाना होता है कि पौधा टकराकर कई बार टूट भी जाता है तथा सबसे ज्यादा मुश्किल पौधों की जगह के लिए आती है।

पुराने समय के मकानों में सूर्य के प्रकाश के लिए बहुत ही मुश्किल होती है। छोटी खिड़की, पेड़ (जिस दिशा में जिस तरफ से प्रकाश या रोशनी आती हो) आदि से धूप या सूरज का प्रकाश भी कम हो जाता है।

रसोईघर की एक बात सबसे अच्छी मानी जाती है कि रसोईघर अधिकतर गर्म होता है। इसके लिए खाना बनाने के यंत्रों को मानना चाहिए। रसोईघर में पानी का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा किया जाता है। जो कि पौधों को आवश्यकता के अनुसार नमी भी देते रहते हैं।

छोटे अथवा बहुत ही कम स्थानों पर पौधों को लगाने के लिए सबसे पहले पौधों की रूपरेखा एवं उसके साइज की तरफ ध्यान देना चाहिए। इस स्थान पर गोल अथवा लंबी पत्ती के काम्पैक्ट पौधों को चुनना चाहिए जो कि छोटे स्थानों के होने पर भी अपना असर (प्रभाव) डाल सकें।

जहां तक पौधों के रंगों के बारे में कहा जाता है, तो अगर पौधे हरे रंग के ही खरीदे जाए तो वह सबसे अच्छा होता है, क्योंकि एक तो हरा रंग से अधिकतर दीवारों को रंगने तथा रसोईघर को रंगने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फर्नीचर आदि के साथ तालमेल मिल जाता है और अगर फूलों को भी लगाना हों, तो पीले अथवा गुलाबी रंग के फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन अगर दीवारों का रंग सफेद है तो उस स्थान पर रंगीन पत्तों के पौधों को इस्तेमाल करना बहुत ही अच्छा जाना जाता है।

वास्तु पौधों को रखने का स्थान- वास्तुशास्त्र के अनुसार पौधों को अपनी आंखों की ऊंचाई से थोडा ऊपर रखने से उसका असर (प्रभाव) अच्छा पड़ता है। ये पौधे कम प्रकाश अथवा मध्यम प्रकाश के तथा कम पानी चाहने वाले होने चाहिए।

अगर आप काम करने वाले प्लेटफार्म या चबूतरे के ऊपर इन पौधों को रखना चाहते हैं तो उस स्थान पर कुछ बड़े पौधों को भी लगा सकते हैं।

रसोईघर की खिड़की के लिए-

मकान की खिड़की या रसोईघर की खिड़की से मकान के बाहर का नजारा अथवा बाहर देखने के लिए खिड़की काम में लाई जाती है। इसलिए इस स्थान को सबसे ज्यादा अच्छा जाना जाता है। इस स्थान पर अगर छोटे पौधों को रखा जाएं, तो इससे बाहर की तरफ भी दिखाई देता रहता है। अगर सूरज की रोशनी आती है तो फूलों के पौधों के लिए इससे ज्यादा अच्छी जगह और कोई नहीं ढूंढी जा सकती। इस जगह को वर्ष में तीन बार जैसे कि- गर्मी, बारिश व सर्दी के समय फूलों के द्वारा अलग-अलग तरह से सजाया जा सकता है।

For the window of kitchen

अगर खिड़की के बाहर का नजारा अच्छा नहीं दिखाई देता है, तो उस स्थान पर लताओं या शाखाओं का इस्तेमाल करके उसको ढका जा सकता है। कई प्रकार की लटकाने वाली टोकरियों में अलग-अलग ऊंचाईयों में अलग-अलग तरह के पौधों को लगाकर भी उस जगह को ढका जा सकता है।

रसोईघर की खिड़की के लिए अलग-अलग तरह के मौसम के वास्तु पौधे-

Different types of seasonal plants for the window of kitchen-

  1. गर्मी के मौसम के लिए पोरतुलाका, कोचिया, सेलोसिया, गमफरीना, नवरंग, अमरैलिस, जीनिया, जैफरेन्थस आदि के पौधों को रसोईघर में लगा सकते हैं।
  2. बरसात या बारिश के मौसम के लिए अमरेंयस, बालसम, ट्राइकलर, ब्रोकलिया, सेलेसिया, कान्वोल्वुल्स, काक्सकाम्ब, गेलार्डियसा, फ्रेंच गेंदा, गंफरीना, निकोटियाना, जीनिया, पिटुनिया और पिथोनिया आदि वास्तु पौधों को रसोईघर की खिड़की के लिए लगाया जा सकता है।
  3. सर्दी के मौसम के लिए एलियस, एन्टरहाइनम, आस्टर, गुलदाऊदी, मैरीगोल्ड (गेंदा), डेजी, हाईएन्थस, पिटूनिया, पैन्जी, स्टाक और बरवीना आदि वास्तु पौधों को रसोईघर की खिड़की के आगे लगा सकते हैं। इसी के साथ ही कुछ स्थानों पर हर्ब अथवा मसालों के पौधे भी लगाए जा सकते हैं जैसे कि- सौंफ, तुलसी, पुदीना आदि।
  4. रसोईघर के बर्तनों में वास्तु पौधेः- ये बर्तन पीतल, तांबे, चीनी मिट्टी आदि किसी भी तरह के हो सकते हैं जैसे कि- सासपैन, केतली, कटोरा, मग, चीनी अथवा दूध के बर्तन आदि। अगर तांबे की केतली में पारलर पाम लगाएं तो यह बहुत ही अच्छा दिखाई देता है। करोटन लगाने के लिए मसाले पीसने का खलड़ बहुत ही अच्छा तथा सुंदर दिखाई देता है। अगर किसी तरह का कोई बड़ा पात्र या बर्तन आदि हो तो उसमें छतरी के आकार के पौधे को लगा सकते हैं। पुरानी चाय की केतली में फर्न को लगाया जाए, तो क्या कहना है अथवा फिर किसी अन्य पौधे को अपनी इच्छा के अनुसार लगा सकते हैं।

जानकारी- आप अपने रसोईघर को वास्तु पौधों से सजा करके अपने दिल की तसल्ली कर सकते हैं। इस तरह से आपको सुख-शान्ति तो मिलेगी ही साथ ही दूसरों को देखने पर भी अच्छा दिखाई देगा तथा यह दूसरों की पड़ने वाली गंदी एवं बुरी नजर से भी रक्षा करता रहेगा।

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