विजय वर्धन

आईपीएस अधिकारी विजय वर्धन की सफलता की कहानी

Success Story of IPS Officer Vijay Vardhan

IAS Success Story: भारत के सबसे कठिन IAS exam को पास करके आज विजय वर्धन IPS officer बन चुके हैं। क्या किसी को यह बात पता है कि Vijay Vardhan इस एग्जाम को पास करने से पहले 35 अन्य एग्जाम में फेल हो चुके हैं। इतने बार फेल होने के बावजूद भी उन्होने हार नहीं मानी और अपने निरंतर कोशिश और प्रयास के द्वारा IPS officer बन गया। इनके इस प्रयास और कोशिश ने सोहनलाल द्विवेदी जी द्वारा लिखी एक कविता को सच कर दिया है जो मैं नीचे की दे रहा हूं।

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’
-सोहनलाल द्विवेदी जी

जिस तरह से विजय वर्धन ने एग्जाम में फेल होने के डर को मारकर अपनी जिंदगी में सफलता पाई उसी तरह से यदि आप भी कोशिश करते रहें तो आप भी इस जिंदगी में सफला पा सकते हैं। इसलिए आप जो कुछ भी अपनी जिंदगी में पाना चाहते हैं उसके लिए हमेशा कोशिश करते रहिये, आपको एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी।

आज के समय में 35 से ज्यादा बार असफलताएं की मुहं देखने पर बहुत से व्यक्तियों का मनोबल तुट जाता है लेकिन कुछ लोग विजय वर्धन जैसे भी होते है जो अपने असफलताएं को ही सफलता की सीड़ी बनाकर मुकाम को हासिल कर लेते हैं। Vijay Vardhan साल 2019 में 104 ranks IAS exam में लाये और IPS officer बन गये है।

यदि जिंदगी में सब कुछ हासिल हो जाये तो तमना ही क्या रह जायेगी, कुछ अधूरी ख्वाहिश ही जिंदगी में मजा देती है। इसी लाइन्स IPS officer विजय वर्धन को 35 से भी अधिक परीक्षाओं में मिली असफलताओं के बावजूद झुकने नहीं दिया। इसी होशल के वजह से Vijay Vardhan ने साल 2018 में Civil Service Exam of UPSC में 104 रैंक हासिल की।

बता दें कि विजय वर्धन हरियाणा के सिरसा जिले में रहते हैं। Civil service examination से पहले विजय ने 35 से ज्यादा कॉम्पेटेटिव एग्जाम दिये है जिसमें फेल हो चुके थे। ये सारी परीक्षा ए और बी लेवल की थी। साल 2019 से पहले विजय चार सिविल सर्विस एग्जाम के चार अटेंप्ट दे चुके थे। उनके जानने वाला उनको मना करते थे की वे अटेंप्ट न करें और ये सब परवाह किये बिना विजय वर्धन हार नहीं माने जिसका नतीजा यह रहा की वे आज IPS officer है। साल 2013 में Vijay Vardhan ने Electronics and Communication Engineering की है।

Vijay Vardhan ने बताया कि साल 2013 में पढ़ाई दिल्ली आये और Civil service की तैयारी करने लगे। साल 2014 में उन्होने IAS preliminary examination के बाद mains examination दी। लेकिन वह असफल रहे। इसके बाद 2015 में फिर mains examination में असफल रहे। फिर साल 2016 में विजय ने मेन्स की परीक्षा क्वालिफाई कर इंटरव्यू तक पहुंच गए और केवल छह नंबर से रह गए। साल 2017 में वह फिर Interview Stage में पहुंचने के बाद फिर असफल रहे। इसके अलावा वे विजय राजस्थान सिविल सर्विस, यूपी सिविल सर्विस, हरियाणा सिविल सर्विस, एसससी सीजीएल में भी फेल चुके हैं।

कई बार विजय वर्धन सोचते थे कि आखिर मैं ही क्यों हर बार रह जाता हूं। विजय ने कहा मैं काफी Close margin से परीक्षा में रह जाता था। यदि परीक्षा में पास भी हो जाता तो कभी Medical standard तो कभी Document verification के कारण वे पास नहीं हो पाता था। ऐसे में उनके मन में ख्याल आता था कि मैं ही क्यों?

विजय वर्धन कहते हैं कि Selection के बाद अब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे एहसास होता है कि वह सभी असफलताएं मेरी लिए मील का पत्थर साबित हुई और मुझे उसने इतना मजबूत बनाया की आज में यह कर पाा। इन्हीं असफलताओं ने मुझे इस मंजिल तक पहुंचाया है।

सफलता पाने के लिए कुछ सुविचार:

एक पत्थर हथौड़े के आखिरी वार से टूट जाता है इसका मतलब यह नहीं है कि पहला वार बेकार था। सफलता निरंतर प्रयास से मिलता है। ✍️ VK SINGH.

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