मकान के ग्रह वास्तु दोष को दूर करने के उपाय (Vastu Dosh Nivaran)

वास्तुक ग्रह-निर्माणः-

  • मकान में होने वाले झगड़ों को गांव के मुखिया द्वारा सुलझाना सही रहता है।
  • सीमाबंध, तालाब, मकान, खेत, बाग-बगीचे तथा बांध आदि वस्तुओं को वास्तु के नाम से जाना जाता है।
  • सभी मकानों के चारों तरफ चारों किनारों पर लोहे के छोटे-छोटे खंभों को गाड़कर उनमें जिस तार को खींचकर लगाया जाता है, उसी को सेतु (सीमा) के नाम से जाना जाता है। उसी सेतु (सीमा) के अनुसार ही मकान का निर्माण करवाना चाहिए।
  • अपने मकान को बनवाते समय किसी दूसरे की दीवार के सहारे पर अपने मकान को नहीं बनवाना चाहिए। मकान की नींव डालते समय उस नींव में सवा फुट अथवा तीन पद कंकर-पत्थर आदि को मिलाकर नींव भरवानी चाहिए।
  • सभी मकानों में शौचालय, पाइप, कुंआ, रसोईघर और खाना खाने के कमरों को जरूर ही बनवाना चाहिए तथा दस दिन के लिए बनाए जाने वाले सूतिका ग्रह को छोड़ देना चाहिए।
  • इसी तरह से उत्सवों या समारोहों के समय कुल्ला करने के पानी को बाहर निकालने के लिए नालियों और भट्टियों को भी हर मकान में बनवाना चाहिए।
  • सभी मकानों पर सवा फुट का गहरा, सीधा तथा साफ-सुथरा परनाला पानी के बहने के लिए मकान की दीवार के साथ-साथ या दीवार से अलग ही बनवाना चाहिए। अगर कोई इस तरह के मकान को नहीं बनवाता है तो उसको पचास पर्ण की सजा देनी चाहिए।
  • एक यज्ञशाला बनवानी चाहिए जो मकान के बाहर एक तरफ चार खंभों से बनी हुई हो तथा जिसमें पानी बाहर निकलने के लिए आधे फुट की नाली बनी हो। यज्ञशाला की दूसरी तरफ आटा पीसने की चक्की तथा अनाज को काटने के लिए एक ओखली भी बनवानी चाहिए। इस तरह से अगर कोई नहीं बनवाता है तो उसको चौबीस पर्ण (शर्त) की सजा देनी चाहिए।
  • बारिश के मौसम में बारिश से बचने के लिए स्थाई रूप से घासफूस की एक छत भी बनवानी चाहिए।
  • ऐसे व्यक्तियों को जो बाहर की तरफ दरवाजा अथवा खिड़की बनवाकर अपने आसपास के पड़ोसियों को किसी तरीके से परेशान करते हैं, उनको भी पूरी तरह से सजा दी जानी चाहिए।
  • अगर कोई मकान मालिक अपने घर के गड्ढे, मकान के अंदर जाने के रास्ते, सीढ़ी तथा पाखाना आदि के द्वारा अपने आस-पास के मकान वालों को परेशान करता हो तथा चबूतरे को रोके और पानी के निकलने के लिए ठीक तरह से इंतजाम न करता हो, तो उस व्यक्ति को पूरी तरह से दण्डनीय सजा देनी चाहिए।
  • ऐसे व्यक्तियों को जो पानी आदि के द्वारा दूसरे व्यक्तियों की दीवारों को हानि पहुंचाता हो, उस व्यक्ति को कम से कम बारह पर्ण की सजा देनी चाहिए। पेशाब और पाखाने की बाधा डालने वाले व्यक्तियों को चौंबीस पर्ण की सजा देनी चाहिए।
  • बारिश के मौसम में कूड़े-करकट के बहने के लिए हर तरह की नाली खुली रखनी चाहिए।
  • ऐसे किरायेदार जो मकान मालिक के मना करने पर भी मकान को खाली न करें और मकान का किराए देने पर भी मकान मालिक किरायेदार को निकाल दे, तो ऐसे व्यक्ति को बारह पर्ण की सजा देनी चाहिए
  • जो धर्मशाला आदि पंचायती कामों में मदद न देने वाले व्यक्ति को उन मकानों का इस्तेमाल करने में रूकावट पैदा करती हो, ऐसे व्यक्ति को बारह पर्ण की सजा देनी चाहिए। अगर कोई उन पंचायती घरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उस व्यक्ति को कम से कम चौबीस पर्ण की सजा देनी चाहिए।
  • अग्निशाला, अनाज को कूटने वाला कमरा तथा और अन्य सभी दूसरी खुली जगहों को हर तरह के व्यक्ति इस्तेमाल कर सकते हैं, केवल कोठा तथा आंगन को छोड़ दें।

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