Sun. Jun 7th, 2020

Vastu Purush Ki Visheshtayen

Vastu Shastra Tips for home

वास्तुपुरुष की विशेषताएं

भगवान ब्रह्मा द्वारा रखे गए नाम ’वास्तुशास्त्र’ या ’वास्तुदोष’ की अपने आपमें तीन मुख्य विशेषताएं हैं-

  1. चर वास्तु।
  2. स्थिर वास्तु।
  3. नित्य वास्तु।

चर वास्तु-

चर वास्तु में वास्तुपुरुष की नजर तथा उसका रूख भाद्रपद, (अगस्त से सितंबर) अश्वयुज तथा कार्तिक (अक्टूबर से नवंबर) महीनों की समय सीमा में दक्षिण दिशा की तरफ होती है और जैसे बताया गया है-

वास्तुपुरुष की नजर तथा रूख मार्ग शीर्ष (नवंबर से दिसंबर), पुष्य (दिसंबर से जनवरी) और माघ के महीनें (जनवरी से फरवरी) की समय सीमा में पश्चिम दिशा की तरफ होनी चाहिए तथा फाल्गुन (फरवरी से मार्च), चैत्र (मार्च से अप्रैल) और वैशाख (अप्रैल से मई) महीनों में उत्तर दिशा की तरफ होती है। ज्येष्ठ (मई से जून), आषाढ़ (जून से जुलाई) तथा श्रावण मास (जुलाई से अगस्त) के महीनों की समय-सीमा में पूर्व दिशा की तरफ होती है।

मकान को बनाने का काम, उसका शिलान्यास और मकान का मुख्य गेट या दरवाजे को इस तरह की जगह पर लगवाना चाहिए जो कि वास्तुपुरुष की नजर की तरफ हो, ताकि उस मकान में व्यक्ति बहुत ही आराम से तथा सुखपूर्वक निवास कर सकें तथा वह स्वस्थ तथा लंबी उम्र तक अपने जीवन को व्यतीत करने वाला तथा शांति तथा संपन्नता को प्राप्त कर सकें।

स्थिर वास्तु (मकान)-

वास्तुपुरुष का सिर हमेशा ही उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ, पैर दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ, उसका दाहिना हाथ उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ तथा बायां हाथ दक्षिण-पूर्व की दिशा की तरफ रहना चाहिए और इस तरह के तथ्य को, मकान की रूपरेखा बनाते समय, दरवाजों तथा खिड़कियों की जगह को किस जगह पर लगाना है, इस तरह से सोचते समय, कड़ियों को लगाते समय (लकड़ी के ऊपर का सिरा उत्तर-पूर्व की दिशा में होना चाहिए) तथा फर्श और मकान की छत की सतह को लगाते समय, इन सब बातों को ध्यान में रखना बहुत ही जरुरी होता है।

नित्य वास्तु-

रोजाना सुबह के पहले तीन घंटों में वास्तुपुरुष की नजर पूर्व की तरफ होनी चाहिए, इसके तीन घंटे के बाद तक दक्षिण की तरफ और इसके तीन घंटों के बाद तक पश्चिम दिशा की तरफ तथा आखिरी के तीन घंटों में उत्तर दिशा की तरफ नजर होनी चाहिए और मकान से संबंधित रोजाना के होने वाले काम भी इसी दिशाभिमुखता के अनुसार ही होने चाहिए।

     मकान को बनाने की समय-सीमा में यानी कि प्रारंभ में (शिलान्यास को शुरू करते समय), बीच में (मकान के मुख्य गेट या दरवाजे को लगाते समय) तथा अंत (मकान में प्रवेश या ग्रह प्रवेश करते समय) में वास्तुपुरुष की इन तीन शुभ मौकों पर पूजा-अर्चना करना बहुत ही जरुरी समझा जाता है।

वास्तुशास्त्र में इस बात पर भी बहुत ही ज्यादा जोर दिया जाता है कि विशेष मौकों या अवसरों की समय-सीमा में मकान का मुख्य गेट या दरवाजा उस तरह ही होना चाहिए जिस तरफ वास्तुपुरुष की नजर होती है और इस मुख्य गेट या दरवाजे से मकान के अंदर आने जाने का कार्य उस समय तक होना चाहिए जब तक मकान के मालिक की नजर ठीक सामने की तरफ हो।

शुभ महीने तथा दिन-

वैशाख महीने का शुक्ल पक्ष (अप्रैल से मई), श्रावण महीना (जुलाई से अगस्त), मार्गशीष (नवंबर से दिसंबर), पौष का महीना दिसंबर से जनवरी तथा फाल्गुन का महीना (फरवरी से मार्च) जमीन की खुदाई करने के लिए और मकान का मुख्य गेट या दरवाजे को लगवाने के लिए ये महीने बहुत ही अच्छे तथा शुभ भी जाने जाते हैं एवं इन कामों को करने के लिए बाकी बचे हुए महीनों को नुकसानदायक तथा अशुभ माना जाता है। बताए गए महीनों में निम्नलिखित तारीखों को शुभ कामों के लिए ही चुनना चाहिए जैसे- दो तारीख को, पांच को, सात को, नौ तारीख को, ग्यारह को तथा तेरह तारीख को ही अच्छे कामों के लिए चुनना चाहिए।

सूर्य की अनुकूल राशियां-

जिन मकान के मालिकों की राशि वृषभ, सिंह, वृश्चिक तथा कुंभ होती है, उनके लिए सूर्य ग्रह सही माना जाता है। मेष, कर्क, तुला और मकर राशि में सूर्य ग्रह इतना ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता है। मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि में ऊपर बताए गए कार्यों को करना बहुत ही नुकसानदायक माना जाता है।

व्यक्ति की राशि के आधार पर मकान के मुख्यद्वार या गेट की अवस्था-

  • जिन व्यक्तियों (वास्तुपुरुष) की राशि मेष, सिंह तथा धनु होती है, उन व्यक्तियों को अपने मकान का मुख्य गेट या दरवाजे को पूर्व दिशा की तरफ लगवाना चाहिए।
  • जिन व्यक्तियों की राशि वृषभ, कन्या या फिर मकर होती है, उनको मकान का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा की तरफ ही लगवाना अच्छा माना जाता है।
  • मिथुन, तुला तथा कुंभ राशि वाले व्यक्तियों को अपने मकान के मुख्य गेट या दरवाजे को पश्चिम दिशा की तरफ ही लगवाना चाहिए।
  • ऐसे व्यक्ति जिनकी राशि कर्क, वृश्चिक तथा मीन मानी जाती है, उनको अपने मकान के अंदर आने-जाने के दरवाजे को उत्तर दिशा की तरफ लगवाना शुभ माना जाता है।

अगर व्यक्ति की राशि के आधार पर बताई गई दिशा में मुख्य गेट या दरवाजा नहीं लगाया जा सकता है, तो उस दिशा में कम से कम एक खिड़की जरूर ही लगवानी चाहिए। इस बात के कहने का यह अर्थ है कि मकान का मुख्य गेट या दरवाजे को हमेशा ही पूर्व दिशा तथा उत्तर दिशा में लगाना सबसे अच्छा माना जाता है, पश्चिम दिशा की तरफ में यदि मकान के मुख्य गेट को लगवाया जाए तो वह भी अच्छा माना जाता है। परंतु मकान के मुख्य गेट या दरवाजे को अगर दक्षिण दिशा की तरफ लगाया जाता है तो वह अच्छा तथा शुभ नहीं माना जाता है। किसी एक व्यक्ति की राशि के आधार पर मकान के मुख्य गेट को लगाने का विचार संभव नहीं मालूम पड़ता, क्योंकि उस विशेष व्यक्ति की उम्र मकान की उम्र से कम हो सकती है तथा उस मकान में रहने वाले और दूसरे सदस्य उस व्यक्ति के मर जाने के बाद भी उस मकान में रहने वाले होते हैं या फिर मृत्यु के फलस्वरूप मकान का मालिक बदल सकता है।

शुभ दिन-

मकान को बनाने का काम शुरू करने के लिए सबसे अच्छा दिन सप्ताह का पहला, तीसरा, चौथा तथा पांचवा माना जाता है। पर इन्हें विशेष महीनों के शुक्ल पक्ष का होना जरूरी है।

खुदाईः-

अगर सूर्य ग्रह सिंह, कन्या अथवा तुला राशि में हो, तो इन राशियों वाले व्यक्तियों को अपने मकान को बनवाने के लिए खुदाई दक्षिण-पूर्व दिशा से शुरू करानी चाहिए। जिन व्यक्तियों की राशि वृश्चिश्क, धनु अथवा मकर हों, उन व्यक्तियों को मकान बनवाने के लिए जमीन की खुदाई उत्तर-पूर्व दिशा से शुरू करनी चाहिए, कुंभ, मेष अथवा मीन राशि वाले व्यक्तियों को उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ से खुदाई करनी चाहिए तथा वृषभ, मिथुन, कर्क राशि वाले व्यक्तियों को दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ से अपने मकान को बनवाने के लिए खुदाई शुरू करवानी चाहिए। इसके अलावा अच्छे तथा शुभ, तारीख, वार, योग, नक्षत्र, कर्ण आदि (पंच अंगों) का भी जरूर ही ध्यान रखना चाहिए।

     इस बात का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है कि हमको किसी अच्छे पढ़े-लिखे विद्वान पंड़ित तथा किसी अच्छे ज्योतिषी से भी लाभ, हानि, नक्षत्र, किसी अच्छे विशेष दिन के अच्छे मुहूर्त आदि के बारे में भी अन्य बातों को बहुत ही विस्तार से जानने के लिए सलाह-मशविरा आदि लेना चाहिए।

     मकान को बनवाते समय तथा इसकी शुरुआत करते समय इसके शुभ महीनों के बारे में एक श्लोक में इस तरह से भी बताया गया है किः-

ग्रहसंस्थापनं चैत्रे धनहानिर्महाभम्।

वैशाखे शुभदं विंधान् जेष्ठे तु मरणं ध्रुवम्।।

आषाढे गोकुलं हंति श्रावणे पुत्रवर्धनम।

प्रजोरोगं भाद्रपदे कलहोवSश्र्वयुजे तथा।।

कार्तिके धनलाभस्यान्मार्गशीर्षे महाभयम्।

पुष्ये चागिन्भयं विद्यान्माद्ये तु बहुपुत्रवान।

फाल्गुने रत्न लाभस्थन्मसनाम चा शुभाशुभम्।।

     लिखे गये श्लोक का यह मतलब होता है कि चैत्र (तीसरे महीने से चौथे महीने) के अंदर मकान को बनवाने से व्यक्ति को धन-दौलत का नुकसान तथा डर लगा रहता है। वैशाख के महीने में मकान को बनवाने पर बहुत ही अच्छा लाभ मिलता है तथा जो व्यक्ति अपने मकान को ज्येष्ठ (पांचवे महीने से छटे महीने) में बनाता है, तो उसको मरने का डर लगा रहता है। आषाढ़ (छठे महीने से सातवें महीनें) में मकान को बनाने पर मकान के मालिक के पशुओं को नुकसान पहुंचता है। श्रावण (सातवें महीने से आठवें महीने) में अगर व्यक्ति अपने मकान को बनवाता है तो ये महीने मकान के मालिक के सदस्यों के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी माने जाते हैं। भाद्रपद (आठवे महीने से नौवे महीने) में मकान को बनवाने पर मकान के सदस्यों को रोग तथा परेशानियां उठानी पड़ती है। अश्वयुज (नौवे महीने से दसवे महीने) में बनवाने पर लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं तथा व्यक्ति के दुश्मनों की भी बढ़ोतरी हो जाती है। कार्तिक के महीनों (दसवें महीने से ग्यारवें महीने) में मकान को बनवाने पर व्यक्ति को धन का लाभ प्राप्त होता है। मार्गशीष (ग्यारवें महीने से बारहवें महीने) में मकान को बनवाने पर इसके परिणामस्वरूप कई वस्तुओं का डर लगा रहता है। पौष के महीने (बारहवें महीने तथा पहले महीने) में मकान बनवाने पर व्यक्ति को अग्नि के लगने का तथा और दूसरी परेशानियां भी आती रहती है। माघ के महीने (पहले महीने से दूसरे महीनें) में मकान बनवाने पर सभी सदस्यों के लिए ये महीने बहुत ही लाभदायक माने जाते हैं। फाल्गुन के महीनों (दूसरे महीनें से तीसरे महीनें) के बीच में मकान को बनवाने पर व्यक्ति को धन-दौलत तथा संपन्नता आदि का बहुत अधिक लाभ प्राप्त होता है।

मकान को बनवाने के लिए अच्छे तथा शुभ दिन (वार) के बारे में श्लोक के माध्यम से कहा गया है-

भानुवारे कृतं वेश्मन्वाह्निना दह्यते चिरात्।

चान्द्रे च वर्धते शुक्ले क्षीयते कृष्णपक्षते

भौमवारे बिंद सेवातल्लग्रे सप्तमेपि वा

दह्नाते तद्ग्रहम् शून्यम् कर्तुर्मरणमैव च

बुधवारे धनैश्वर्यं पुत्रसंपत्सुखावहम्

गुरुवारे चिरम् तिष्ठेत् कर्ता च सुखसंपादम्

चिरम् निष्ठेन्मंदवारे तस्करेभ्यो महाभयम्।

     इस श्लोक का अर्थ अलग-अलग दिनों (वारों) में मकान को बनवाने का काम शुरू करने का परिणाम निम्नानुसार पड़ता है जैसे-

  • रविवार के दिन मकान बनवाने का काम शुरू करने पर व्यक्ति को आग से जलने का डर लगा रहता है।
  • कृष्ण पक्ष के सोमवार के दिन मकान बनवाने का काम शुरू करने पर व्यक्ति तो हर तरह का सुख तथा ऐश्वर्य की प्राप्त होती है।
  • मंगलवार के दिन जो व्यक्ति अपने मकान को बनवाने की शुरुआत करता है उसके मकान पर बुरा असर पड़ता है तथा उसको आग के लगने का एवं मरने का भी डर लगा रहता है।
  • बुधवार के दिन मकान बनवाना बहुत ही अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दिन मकान बनवाने की शुरुआत करने पर व्यक्ति को धन तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है एवं इसके साथ-साथ व्यक्ति को सुख तथा उसके सदस्यों को लाभ भी मिलता है।
  • बृहस्पतिवार के दिन मकान बनवाने का कार्य शुरू करने पर व्यक्ति की उम्र लंबी होती है तथा उसको सुख की प्राप्ति एवं अपने पुत्रों या संतानों के द्वारा इज्जत तथा यश की प्राप्ति भी होती है।
  • शुक्रवार के दिन जो व्यक्ति अपना मकान बनवाने का कार्य आरंभ करता है उसको मानसिक सुख तथा शांति मिलती है। ऐसे व्यक्ति हमेशा अच्छे कार्य करने वाले होते हैं।
  • शनिवार के दिन मकान बनवाने का कार्य शुरू करने वाला व्यक्ति चाहे उसका मकान कितने भी ज्यादा लंबे समय तक टिका रहे, परंतु उस मकान में रहने वाले व्यक्तियों तथा सदस्यों का जीवन हमेशा ही दुखी तथा चिंता से भरा रहता है। ऐसे व्यक्ति कमजोर भी होते हैं तथा कर्ज में डूबे रहने वाले भी होते हैं।

वास्तुशास्त्र और उसकी अन्य जानकारियां (Vastu Shastra and its other information)

  1. जीवन और वास्तुशास्त्र का संबंध
  2. वास्तु का व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव
  3. व्यावसायिक सफलता के लिए वास्तु शास्त्र
  4. घरेलू उद्योग व औद्योगिक संरचनाएं समाज की उन्नति के लिये क्यों आवश्यक है?
  5. वास्तु पुरुष की उत्पत्ति तथा उसका सत्कार

👉 Suvichar in Hindi and English

प्लॉट, फ्लैट और घर खरीदें आसान किस्तों पर

दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा में यदि आप प्लॉट (जमीन) या फ्लैट लेना चाहते हैं तो नीचे दी गई बटन पर क्लिक कीजिये। आपको सही वास्तु शास्त्र के अनुकूल जमीन (प्लॉट) व फ्लैट मिलेगी। प्लोट देखने के लिए हमसे सम्पर्क करें, आने जाने के लिए सुविधा फ्री है। जब आपकों देखना हो उस समय हमारी गाड़ी आपको आपके स्थान से ले जायेगी और वहीं पर लाकर छोडे़गी। धन्यवाद! Buy Plots, Flats and Home on Easy Installments
HTML Snippets Powered By : XYZScripts.com
error: Content is protected !!