Vastu Shastra in Hindi

वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र क्या है, इसके बारे में मालवा के बहुत ही जाने माने शासक महाराजा भोज परमार ने ग्यारहवीं शताब्दी में खुद के द्वारा रचा गया ग्रंथ समरांगण सूत्रधार के पहले भाग के पांचवें श्लोक में कहा गया है किः-

वास्तुशास्त्रादूते तस्य न स्याल्लः क्षणनिश्चयः।

तस्माल्लोकस्य कृपयाः शास्त्रमतेदुदीर्यते।।

इस श्लोक का यह मतलब है कि वास्तु शास्त्र के नियमों के अलावा अन्य कोई प्रकार नहीं है, जिससे के बारे में यह निश्चित किया जा सके कि कोई भी मकान सही बना हुआ है या नहीं बना हुआ है…Read More>>

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