Sat. Aug 15th, 2020

SEO in Hindi | सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन

SEO in Hindi

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO)

SEO in Hindi: यदि आप वेबसाइट के बारे में जानकारी रखते हैं तो आप अवश्य ही जानते होंगे कि SEO क्या है। SEO एक शार्ट फॉर्म है, जिसका फुल फॉर्म सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता है।

Search Engine + Optimization = Search Engine Optimization (SEO)

यदि आप वेबसाइट या ब्लॉग चलाना जानते हैं तो आपको SEO के बारे में जानकारी रखना बहुत ही जरुरी है क्योंकि यह आपके वेबसाइट पर ट्राफिक लाने में बहुत मदद करेगा।

एसईओ क्या है?

यहां पर हम SEO के बारे में हिंदी में (SEO in Hindi) सभी जानकारी देंगे ताकि आप समझ सके कि एसईओ क्या है? SEO सर्च इंजन का वह तकनीक है, जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन के सर्च रिजल्ट पेज में सबसे ऊपर ला सकते हैं और अपनी वेबसाइट पर काफि ट्राफिक जनरेट कर सकते हैं। दरअसल, गूगल सर्च इंजन अपने सर्च रिजल्ट पेज पर वेबसाइट पर रैंकिंग देने के लिए कुछ अल्गोरिथम बना रखा है और इसी अल्गोरिथम के अनुसार आप अपने वेबसाइट को ऑप्टिमाइ करके वर्क करते हैं तो आपकी सर्च रैंकिंग में टोप पर आ सकती है।




यदि आप बहुत सारे वेबसाइट्स को देखेंगे तो पता चलेगा कि बहुत सारी वेबसाइट्स एक ही विषय पर बनी हुई है और कुछ सर्च इंजन के अल्गोरिथम के अनुसार वर्क करके सर्च रिजल्ट्स की रैंकिंग टोप पर है और बहुत अच्छा मुकाम हासिल कर लिया है। ऐसा आप भी कर सकते हैं इसके लिए जरुरी है कि SEO क्या है जानना। चलिये हम आपकों SEO की पूरी जानकारी नीचे दे रहे हैं।

Search Engine क्या है?

Search Engine एक सॉफ्टवेयर सिस्टम है, जिसे कई प्रसिद्ध compnay जैसे google, Bing आदि द्वारा विकसित किया गया है जो कि www (वर्ल्ड वाइड) पर एक जानकारी खोजने के लिए बनाया गया है।

Google, Yahoo और Bing दुनिया में सबसे ज्यादा Search Engines का इस्तेमाल करते हैं।
अनुमानित 70% से 90% इंटरनेट उपयोगकर्ता Google खोज इंजन का उपयोग करते हैं और 30% से 10% इंटरनेट उपयोगकर्ता अन्य खोज इंजन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।

नीचे सूचीबद्ध कुछ खोज इंजन:

Ask, Wow, Webcrawler, Aol Search, Mywebsearch, Dogpile, Duckduckgo, Blekko, Infospace, Info, contenko, Alhea

एसईओ क्यों जरुरी है?

दोस्तों मेरे प्रिय मित्र अक्सर पूछते रहते हैं कि एसईओ क्यों जरुरी होता है वेबसाइट के लिए, क्या वेबसाइट पर एसईओ किये बिना अच्छी ट्रैफिक प्राप्त की जा सकती है। इसी सवाल जवाब के उत्तर के लिए मैं आपको यहां पर बताउंगा कि एसईओ क्यों जरुरी है? यहां पर एसईओ की जानकारी हिंदी में (SEO in Hindi) दी जा रही है ताकि आप असानी से इसे समझ सकें।

जानाकारी के लिए बता दें कि एक सर्वे के दौरान पता चला है कि 90 % लोग अपने वेबसाइट को सर्च रिजल्ट के पहले पेज पर नहीं ला पातें। ऐसा इसलिए होता है कि वे लोग एसईओ के बारे में नहीं जानते और न ही अपने वेबसाइट का एसईओ करते हैं। इसलिए उनको इस समस्यां का सामना करना पड़ता है।

आप जरा सोचियें कि यदि आपकी वेबसाइट पहले पेज पर नहीं आ रही है तो क्या आपको विजिटर मिल पायेगा। मेरे ख्याल से तो नहीं, या मात्र 10 % या फिर उससे भी कम। अब यदि वेबसाइट पर विजिटर नहीं हैं तो ट्रैफिक नहीं होगा। ऐसा में यदि आप वेबसाइट से रुपये कमाना चाहते हैं तो आप बिलकुल भी रुपये नहीं कमा पायेंगे।




अब मान लेते है कि आपका उद्देश्य इंकम कमाना नहीं है तो भी आपके द्वारा दी गई जानकारियां लोगों तक नहीं पहुंच पायेगी और जिसके कारण आपका मेहनत बेकार चला जायेगा। अब प्रश्न उठता है कि इस समस्यां का समाधान क्या होगा। तो इसका आपको एक ही जवाब मिलेगा कि आप अपने वेबसाइट का एसईओ करें। इसकी सहायता से न सिर्फ आपकी वेबसाइट सर्च रिजल्ट के पहले पेज पर आयेगा बल्कि आपको ज्यादा ट्रैफिक भी मिलेगा और यदि आपके वेबसाइट पर ऐड लगा है तो आपको अच्छा इंकम भी प्राप्त होगा।

सर्च इंजन कैसे काम करता है?

सर्च इंजन को पूरी तरह से समझने के लिए हमें सबसे पहले यह जानने की आवश्यकता होगी कि सर्च इंजन कैसे काम करता है? और सर्च इंजन कई गतिविधियाँ क्या है। यहां पर सर्च इंजन कैसे काम करता है इसकी जानकारी हिंदी में (SEO in Hindi) दी जा रही है ताकि आप इसके कार्य विधि को समझ सकें।

सर्च इंजन अपने द्वारा सर्च परिणाम दिखाने के लिए 3 चरणों में काम करता है और जब उसके ये कार्य कम्प्लीट हो जाता है तो वह रिजल्ट पेज देता है। बहुत से लोगों को यह पता नहीं होता कि सर्च बॉक्स के पीछे क्या क्या कार्य हो रहा होता है वे तो बस इतना जानते हैं कि हम कीवर्ड को लिखते हैं और Google जैसे सर्च इंजन हमको सर्च रिजल्ट दे देता है। चलिये दोस्तों हम यहां पर बात करेंगे कि सर्च इंजन कैसे काम करते हैं?

सर्च इंजन तीन मुख्य कार्य

सर्च इंजन तीन मुख्य कार्य हो जिसके बिना वह अपना कार्य नहीं कर सकता। यह नीचे दी जा रही है-

वेब क्रॉलिंग-

यह प्रक्रिया सर्च इंजन के लियें बहुत ही मात्वपूर्ण होता है इसके द्वारा सर्च इंजन यह पता लगा पाता है कि कौन कौन सी वर्ल्ड वाइड वेब पेज प्रकाशित हुआ है। इसके अलावा यह पता कर्ता है कि वेब पेज में किसी अन्य पेज से क्या क्या कोपी हुई है और क्या चेंज किया गया है, क्या चीज ऐसी है जो युनिक है जो किसी अन्य पेज में अभी तक नहीं प्रकाशित हुआ है।

वेब क्रॉलिंग का कार्या सर्च इंजन अपने कुछ सॉफ्टवेयर के मदद से करता है जिसे रोबोट, क्रॉलर या स्पाइडर कहा जाता है। Google जैसे सर्च इंजन का यह कार्य Googlebot सॉफ्टवेयर करता है।

वेब इंडेक्सिंग:

वेब क्रॉलिंग द्वारा प्राप्त सभी वेब पेजों को इंडेक्सि करने के लिए वेब इंडेक्सिंग एक बहुत बड़ा डेटाबेस बनाती है। जब कोई व्यक्ति कुछ भी सर्च बोक्स में सर्च करता है तो वेब क्रॉलिंग अपने डेटाबेस से उसकों प्राप्त करके ही रिज्लट दिखाती है। सम्पूर्ण रूप से इंडेक्सिंग उन शब्दों और अभिव्यक्तियों की पहचान करती है जो वेब पेज का सबसे अच्छा वर्णन होता हैं और फिर विशेष खोजशब्दों को पृष्ठ असाइन करता है। Google के पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर है जहां से बारीकी से डेटाबेस को गार्ड करता है।

वेब पेजों के भंडार को ‘सूचकांक’ कहा जाता है। यह एक डेटा स्टोर है जो सर्च इंजन पर आपके द्वारा देखे गए सर्च परिणामों को प्रदान करने के लिए व्यवस्थित रूप से उपयोग में लिया जाता है। वेब इंडेक्सिंग वेब पृष्ठों को व्यवस्थित करने की एक प्रक्रिया है ताकि उन्हें आपकी खोज क्वेरी के लिए प्रासंगिक परिणामों के स्वरूप जल्दी से उपयोग में लाकर आपको रिज्लट दिखाया जायें।

प्रोसेसिंग:

जब कोई कीवर्ड सर्च बॉक्स में सर्च किया जाता है तो प्रोसेसिंग वेब इंडेक्सिंग के डेटाबेस से मैच करके रिजल्ट को सर्च करता है। इस क्रिया को सर्च इंजन का प्रोसेसिंग कहा जाता है।

सर्च इंजन रैंकिंग:

जब कोई कीवर्ड सर्च इंजन पर सर्च किया जाता है तो सर्च इंजन उस कीवर्ड से संबंधित लेख को वेब डेटाबेस से मैच कराके अत्यधिक प्रासंगिक लेख को एक सूची के अनुसार रैंक पर रखते हुए रिज्लट देता है। सर्च परिणामों के इस क्रम रैंकिंग को सर्च इंजन रैंकिंग कहा जाता है। सर्च इंजन यहां पर अपने एल्गोरिदम से यह भी जांच करता है कि सबसे ठीक और विश्वनिय कौन सा डाटा है जिसे क्रमबद्ध तरीके से दिखया जायें। जैसा कि नीचे चित्र में दिया जा रहा है-

सर्च इंजन रैंकिंग (Search Engine Ranking)

एसईओ कितने प्रकार का होता है?

उपर दी गई लेख से आपको अभी तक यह पता चल गया होगा कि एसईओ क्या होता है और एसईओ क्यों जरुरी है? चलिये अब हम यह जानते हैं कि एसईओ कितने प्रकार का होता है?

अब हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि एसईओ के कितने प्रकार है और यह कैसे किये जाते हैं –

  1. वाइटहैट एसईओ (Whitehat SEO)
  2. ब्लैकहैट एसईओ (Blackhat SEO)
  3. ग्रेहैट एसईओ (Greyhat SEO)

वाइटहैट एसईओ- यह वह एसईओ होता है जिसके अंतर्गत हम गूगल तथा अन्य सर्च इंजन के बनाये गयें नियमों को फोलो करते हुए अपने वेबसाइट का एसईओ करते हैं। यह एक बहुत ही धीमी प्रोसेस है क्योंकि किसी भी वेबसाइट या फिर ब्लोग का वाइटहैट एसईओ करने में समय लगता है। वाइटहैट एसईओ सबसे अच्छा एसईओ होता है क्योंकि इसके माध्यम से जब रिज्लट मिलता है तो लम्बे समय के लिए मिलता है। इसके द्वारा आपके वेबसाइट या ब्लोग का वेल्यू भी अच्छा मिलता है।

व्हाइटहाट एसईओ तकनीक सूची:

  1. Domain Trust
  2. Link Building
  3. On Page optimization
  4. Off Page optimization
  5. Directory Submission
  6. Social Bookmarking
  7. Page Rank
  8. Keyword Research & website Analysis
  9. Digital Marketing
  10. Follow Google Algorithm
  11. Unique Content
  12. Unique Post image
  13. Good Quality web page

2. ब्लैकहैट एसइओ :

ब्लैक हैट एसइओ (Blackhat SEO) के नाम से ही पता चल जाता है कि यह सर्च इंजन के किसी भी नियम को फोलो नहीं करता। इस एसइओ में हम वेबसाइट या ब्लॉग को गूगल के टॉप रैंक में लाने के लिए Google Algorithm किसी भी गाइड लाइन फोलो नहीं करते हुए वर्क करते हैं। इस एसइओ से आपके पेज तो Google पेज पर शुरू में रैंक कर जायेगा लेकिन यह ज्यादा देर तक रुकेगी नहीं। हो सकता है आपकी वेबसाइट को गूगल के द्वारा पेनल्टी (penalty) लगा दिया जाये या ब्लेक लिस्ट कर दी जायें। यदि ऐसा हो गया तो आप कभी भी गुगल पर अपनी वेबसाइट को रैंक नहीं करा पाओगे।

ब्लैकहैट एसइओ टेक्नीक (Blackhat SEO Technique) कुछ इस प्रकार है-

  • Link Spam
  • Keyword Stuffing
  • Hidden Link
  • Hidden Text
  • Cloaking
  • Du Follow और No Follow Backline का Ration set ना करना

3. ग्रेहैट एसइओ (Greyhat SEO)

Greyhat SEO वह होता है जिसमें ब्लैकहैट एसइओ और वाइटहैट एसइओ दोनों का कार्य किया जायें। जब हम अपनी वेबसाइट की टॉप रैंकिंग के लिए Greyhat SEO करते हैं तो हम गूगल की Algorithm की नजर में नहीं आते हैं और अपनी वेबसाइट को गूगल की टॉप रैंकिंग में जल्दी लाने के लिए सफल हो जाते हैं।

वेबसाइट या ब्लॉग का ग्रे हैट एसइओ करने के लिए एक बाद का ध्यान देना बहुत जरूरी है कि वेबसाइट या ब्लॉग पर 95 % प्रतिशत वाइटहैट एसइओ किया जाये है और मात्र 5% प्रतिशत ब्लैकहैट एसइओ किया जाये।  लेकिन ऐसा नहीं करते तो आपका वेबसाइट गुगल के penalty के दायरे में आ सकता है। हम तो एक सलाह देना चाहेंगे कि ब्लैकहैट एसइओ का उपयोग न करें तो वेबसाइट के लिये आच्छा होगा।

ग्रेहैट एसइओ टेक्नीक (Greyhat SEO Technique) कुछ इस प्रकार है-

  1. Link Buying
  2. Duplicate Content
  3. Purchase Follower
  4. Cloaking
  5. Keyword Stuffing

ओन पेज ऑप्टिमाइजेशन (ON Page Optimization):

  1. Keyword Analysis
  2. Competition Website Analysis
  3. Tag Optimization
  4. Url Optimization
  5. Favicon
  6. Canonicalization Installation – www.superthirty.com or superthirty.com in always in first position
  7. Web Speed Optimization
  8. Css & Javascript File Optimizaiton
  9. Optimization of non-index able attribute
  10. Text Code Ratio Checker- At least 10% text code ratio should be in website
  11. Linking (Internal, External, Broken)
  12. Doctype
  13. W3 Schools Validation
  14. Sitemap File
  15. Robots.txt file
  16. Content Optimizations
  17. Conversion Form
  18. Client Side Web Page Analysis
  19. Usability

कीवर्ड्स (Keywords):

जब युजर कुछ शब्दों को सर्च इंजन पर टाइप करता है तो उससे संबंधित रिज्लट हमें सर्च इंजन दिखाता है, तो इन सर्च किये गये शब्दों को कीवर्ड्स कहते हैं।

कीवर्ड ऑन-पेज और ऑफ-पेज एसईओ तकनीक के लिए सबसे महत्वपूर्ण रोल निभाता है।

Kyewords को शीर्षक, मेटा कीवर्ड, मेटा विवरण, हेडिंग टैग, बोल्ड टैग और कनटेन्ट में उपयोग करना चाहिए।
SEO करते समय सबसे पहले आपको किसी विशेष वेबसाइट के लिए कीवर्ड का विश्लेषण करना चाहिए उसके बाद कार्य शुरू करना चाहिये।

कीवर्ड प्लानर (Keyword Planner) – कीवर्ड प्लान करते समय सोचे कि उपयोगकर्ता क्या सोचता है आपके कंटेंट के बारे में फिर उसी के अनुसार एक कीवर्ड की सूची तैयार कर लें।

 

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